प्रेमानंद जी महाराज के विचार: जब संत नामदेव और तुलसीदास के चमत्कार देख झुके मुग़ल बादशाह

श्री प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज (Shri Premanand Govind Sharan Ji Maharaj) द्वारा सुनाई गई संत नामदेव जी (Sant Namdev Ji) और गोस्वामी तुलसी दस जी ( Goswami Tulsidas Ji) की अद्भुत कहानियाँ। जानें कैसे Bhakti ki Shakti और राम नाम के प्रताप ने अहंकारी बादशाहों को नतमस्तक कर दिया। एक प्रेरक Spiritual Story in Hindi.

क्या आप जानते हैं कि संतों की असली ताकत क्या होती है? क्या चमत्कार ही संत की पहचान है? आज हम आपको Vrindavan के प्रसिद्ध संत Shri Premanand Ji Maharaj के सत्संग से जुड़ा एक बहुत ही रोचक प्रसंग बताने जा रहे हैं।


हाल ही में एक वायरल वीडियो में Premanand Ji Maharaj ने भारत के दो महान संतों—Sant Namdev Ji और Goswami Tulsidas Ji—के जीवन की सत्य घटनाओं का वर्णन किया है। यह Motivational Story हमें बताती है कि जब भक्त भगवान की शरण में होता है, तो दुनिया की बड़ी से बड़ी ताकत भी उसके सामने बौनी हो जाती है।

यहाँ वीडियो देखें:


1. संत नामदेव जी और मुग़ल बादशाह का किस्सा (Sant Namdev Story in Hindi)


महाराज जी बताते हैं कि उस समय भारत में मुग़लों का शासन था। Sant Namdev Ji एक सिद्ध महापुरुष थे। उनकी प्रसिद्धि सुनकर बादशाह ने उन्हें दरबार में बुलाया और परीक्षा लेनी चाही।

क्या आप जानते हैं कि संतों की असली ताकत क्या होती है? क्या चमत्कार ही संत की पहचान है? आज हम आपको Vrindavan के प्रसिद्ध संत Shri Premanand Ji Maharaj के सत्संग से जुड़ा एक बहुत ही रोचक प्रसंग बताने जा रहे हैं।
Shri Premanand Govind Sharan Ji Maharaj


बादशाह ने अहंकार में भरकर एक गाय का सिर कटवा दिया और नामदेव जी से कहा, “अगर तुम सच्चे Hindu Fakir और सिद्ध संत हो, तो इस गाय को ज़िंदा करके दिखाओ।”
विठ्ठल नाम का चमत्कार
नामदेव जी घबराए नहीं। उन्होंने अपने आराध्य Bhagwan Vitthal का स्मरण किया। उन्होंने कटी हुई गाय पर हाथ रखा और “विठ्ठल-विठ्ठल” पुकारने लगे। Ishwar ki kripa से गाय तुरंत जीवित होकर खड़ी हो गई। यह Chamatkar देखकर बादशाह के होश उड़ गए और वह संत के चरणों में गिर पड़ा।


हीरे-जवाहरात का त्याग


अपनी गलती सुधारने के लिए बादशाह ने नामदेव जी को रत्नों से जड़ा एक बेशकीमती पलंग भेंट किया। लेकिन संतों को दौलत से क्या मोह? नामदेव जी ने वह पलंग पास बहती नदी में फेंक दिया। जब बादशाह ने इसका कारण पूछा, तो नामदेव जी ने नदी से वैसे ही 10 पलंग (Miracle of 10 beds) निकालकर बाहर रख दिए।


Premanand Ji Maharaj समझाते हैं कि संतों के पास रिद्धि-सिद्धि की कमी नहीं होती, भगवान के नाम को ही सबसे बड़ा धन मानते हैं।


2. अकबर और तुलसीदास जी की कहानी (Akbar and Tulsidas Ji Story)


दूसरा प्रसंग Ramcharitmanas के रचयिता Goswami Tulsidas Ji का है।

Premanand Ji Maharaj बताते हैं कि एक बार बादशाह अकबर ने तुलसीदास जी को बुलाया और कहा, “सुना है आप सिद्ध पुरुष हैं, कोई चमत्कार दिखाइए।”
“हम तो केवल राम नाम जपते हैं”
तुलसीदास जी ने बड़ी सरलता से कहा, “मुझे कोई चमत्कार नहीं आता, मैं तो केवल झूठ-सच से परे Ram Naam जपता हूँ।” अकबर को लगा कि वे झूठ बोल रहे हैं, इसलिए उसने उन्हें जेल में डलवा दिया।


हनुमान जी की सहायता से चमत्कार

Shri Ram Bhakt Hanuman Ji Maharaj 
Ki shakti ka चमत्कार
श्री राम भक्त हनुमान जी महाराज


जेल में तुलसीदास जी ने संकटमोचन Hanuman Ji का आह्वान किया। ऐसा कहा जाता है कि उसी समय लाखों बंदरों की सेना (Monkey Army) ने अकबर के किले पर हमला बोल दिया। उन्होंने ईंट से ईंट बजा दी।


यह दृश्य देखकर अकबर घबरा गया। जब उसे पता चला कि यह जेल में बंद फकीर का प्रकोप है, तो वह दौड़कर तुलसीदास जी के चरणों में गिर गया। Hanuman Ji ki Bhakti का यह प्रत्यक्ष प्रमाण देखकर अकबर ने उन्हें ससम्मान रिहा किया।


संतों का संदेश (Moral of the Story)


Premanand Ji Maharaj ke Pravachan से हमें यह सीख मिलती है कि भारत के संतों ने कभी अहंकार नहीं किया। चाहे नामदेव जी हों या तुलसीदास जी, उन्होंने हर चमत्कार का श्रेय अपने इष्ट देव (विठ्ठल और राम) को दिया।
Sant Premanand Ji कहते हैं, “संतों की सामर्थ्य और उनकी लीला समझ पाना मुश्किल है, बस उनकी शरण में हो जाओ, तो बेड़ा पार हो जाएगा।”
अगर आप भी जीवन में शांति और शक्ति चाहते हैं, तो Bhakti Marg अपनाएं और संतों के वचनों का पालन करें।

क्या आप जानते हैं कि संतों की असली ताकत क्या होती है? क्या चमत्कार ही संत की पहचान है? आज हम आपको Vrindavan के प्रसिद्ध संत Shri Premanand Ji Maharaj के सत्संग से जुड़ा एक बहुत ही रोचक प्रसंग बताने जा रहे हैं।
Shri Premanand Govind Sharan Ji Maharaj


FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)


Q: प्रेमानंद जी महाराज कौन हैं? (Who is Premanand Ji Maharaj?)
A: प्रेमानंद जी महाराज वृंदावन के एक अत्यंत पूजनीय और रसिक संत हैं, जो राधा रानी की भक्ति और अपने Spiritual Discourses (प्रवचनों) के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं।
Q: तुलसीदास जी ने अकबर को क्या चमत्कार दिखाया?
A: जब अकबर ने तुलसीदास जी को कैद किया, तो Hanuman Ji की वानर सेना ने अकबर के महल पर हमला कर दिया था, जिसे देखकर अकबर नतमस्तक हो गया।


(Note: यह ब्लॉग पोस्ट केवल जानकारी और आध्यात्मिक प्रेरणा के उद्देश्य से लिखा गया है।)

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