Shri Premanand Govind Sharan Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज की सात कोसीय गिरिराज परिक्रमा: भक्तिमय माहौल में पूर्ण हुआ दिव्य यात्रा पथ

Shri Premanand Govind Sharan Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज की सात कोसीय गिरिराज परिक्रमा: भक्तिमय माहौल में पूर्ण हुआ दिव्य यात्रा पथ : वृंदावन और गिरिराज महाराज की पावन धरा पर उस समय अलौकिक अध्यात्मिक वातावरण बन गया, जब श्री प्रेमानन्द जे महराज (Premanad ji maharaj) भक्तों के विशाल समूह के साथ सात कोसीय परिक्रमा के लिए निकले। ब्रज में फैली सात कोस की यह परिक्रमा न केवल श्रद्धा का प्रतीक मानी जाती है, बल्कि साधकों के लिए यह आध्यात्मिक उन्नति का अद्भुत मार्ग भी है।

संत प्रेमानंद जी महाराज ने भक्तों के साथ गिरिराज महाराज की पवित्र सात कोसीय परिक्रमा सम्पन्न की। पूरे मार्ग पर “राधे-राधे” के जयघोष गूँजते रहे और संतजी के दर्शन हेतु श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। जगह-जगह फूलों की वर्षा और भक्ति से भरे वातावरण के बीच, संतजी ने राधाकुंड स्थित कैलादेवी मंदिर पहुंचकर परिक्रमा पूर्ण की।

🌅 भोर में गूँज उठे जयकारे

मंगलवार की सुबह गिरिराज महाराज की तलहटी में जैसे ही परिक्रमा आरंभ हुई, वातावरण “जय गिरिराज महाराज” और “राधे-राधे” के जयघोषों से भर उठा।
भक्तों की टोलियों के साथ जब premanad ji maharaj परिक्रमा पथ पर आगे बढ़े, तो हर कदम मानो भक्ति, प्रेम और आनंद का संदेश दे रहा था।
हवाओं में बसी ब्रजरज की महक और भक्तों की अपार श्रद्धा ने परिक्रमा को और पावन बना दिया।

🚩 जहाजघर से पुनः आरंभ

रविवार को विश्राम लेने के बाद मंगलवार प्रातः premanad ji maharaj ने जहाजघर से परिक्रमा को पुनः आरंभ किया।
सुबह लगभग आठ बजे जैसे ही वे आगे बढ़े, दूर-दूर से भक्त दर्शन को दौड़ते हुए आए।
हर कोई उनके दर्शन और उनके दिव्य चरणों की धूल को अपने जीवन का सौभाग्य मान रहा था।

🌼 भक्ति और प्रेम की वर्षा

 premanad ji maharaj
Premanand Ji Maharaj

परिक्रमा मार्ग पर जगह-जगह फूलों की वर्षा, अखंड राधा-नाम संकीर्तन और भक्तों की भक्ति लहरें देखने को मिलीं।
हर भक्त के चेहरे पर आनंद और समर्पण की स्पष्ट चमक थी।
लगभग 10:30 बजे premanad ji maharaj राधाकुंड स्थित कैलादेवी मंदिर पहुँचे और सात कोसीय परिक्रमा पूर्ण की।

🕉 पाँच दिनों में पूर्ण हुई सात कोस की परिक्रमा

लगातार पाँच दिनों में, प्रतिदिन करीब तीन घंटे पैदल चलकर premanad ji maharaj ने सात कोसीय परिक्रमा पूर्ण की।
वे एक दिन छोड़कर परिक्रमा करने आते थे, फिर भी हर बार उनका आगमन भक्तों के लिए आध्यात्मिक उत्सव बन जाता था।

🌟 दिव्य उपस्थिति का गहन प्रभाव

गिरिराज महाराज की तलहटी में premanad ji maharaj के साधारण से लगने वाले कदम भी साधकों के लिए असाधारण वरदान हैं।
उनकी उपस्थिति से यह अनुभव और गहरा हो जाता है कि ब्रजभूमि में किया गया हर कदम आत्मा को परम शांति और ईश्वर से निकटता का संदेश देता है।

  • premanad ji maharaj
  • premanand ji parikrama
  • giriraj parikrama premanad ji
  • vrindavan parikrama news
  • सात कोसीय परिक्रमा ब्रज
  • premanad maharaj vrindavan
  • radhakund parikrama story

Leave a Comment